अकबर के नवरत्न के नाम और काम क्या थे

आज कल आयोजित होने वाले प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर मुग़ल सम्राज्य से सम्बंधित प्रश्न पूछ लिए जाते है, तो आइये आज बात कर ही लिया जाये, भारतवर्ष के इतिहास के महान मुग़ल बादशाह “अकबर” की, और जब जब अकबर का उल्लेख हो तो उनके नवरत्न के बारे में चर्चा न हो, ऐसा हो नहीं सकता, आप हम सबने बचपन में अकबर- बीरबल की कहानियां जरूर सुनी होगी, बीरबल अकबर के सभी नवरत्नों  में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध था, तो आइये जानते है विस्तार से सबकुछ अकबर के नवरत्न के बारे में।

akbar ke navratna

बादशाह अकबर कौन था?

अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542 ईस्वी को मुग़ल वंश के दूसरे सम्राट हुमायूँ एवं हमीदा बानो के घर हुआ था, अकबर का पूरा नाम जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर है, अकबर के दादा बाबर मुग़ल वंश के संस्थापक था, अकबर का नाम भारतवर्ष के सबसे महान मुग़ल बादशाह के रूप में लिया जाता है। एक समय ऐसा भी आया जब पुरे भारतीय महाद्वीपों पर अकबर का शासन हुआ करता था।

मुग़ल बादशाहो में एक मात्र अकबर ही ऐसा शासक था, जिसने हिंदू और मुसलमानो के बिच खटास को दूर करने के लिए दीन-ए-इलाही धर्म की स्थापना की, अकबर को हिन्दू और मुसलमानो दोनों का खूब प्यार मिला, इनका दरबार हर धर्म के लोगों के लिए हमेशा खुला रहता था।

अनपढ़ होते हुए भी अकबर ने हमेशा बुद्धिजीवियों, एवं अलग अलग क्षेत्र के कलाकारों को इज्जत और सम्मान दिया, और इसी प्यार और सम्मान के चलते अपने दरबार में अकबर ने बुद्धिजीवियों और कलाकारों को स्थान दिया जो अकबर के नवरत्न कहलाये।  

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अकबर के नवरत्न | Akbar Navratna Name in Hindi 

  1. बीरबल 
  2. अबुल फजल 
  3. फैजी
  4. मियां तानसेन 
  5. राजा टोडरमल
  6. राजा मान सिंह
  7. अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना
  8. हमीम हमाम 
  9. मुल्लाह दो प्याजा 

बीरबल – 

दोस्तों, हमसबों ने अकबर और बीरबल की कहानियां बचपन में खूब सुने है, और आज भी इन दोनों के कॉमिक्स बहुत फेमस है। बीरबल का जन्म सीधी, मध्यप्रदेश में 1528 ईस्वी एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, बीरबल का बचपन का नाम महेश दास था, बीरबल, अकबर का मुख्य युद्ध रणनीतिकार एवं सलाहकार थे।

इन्हे न्याय विभाग का अधिकारी भी बनाया गया था, बीरबल एक बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति कहे जाते है, अकबर के द्वारा शुरू किये गए धर्म दीन-ए-इलाही को स्वीकार करने वाला प्रथम और अंतिम व्यक्ति बीरबल ही था। अकबर ने बीरबल को राजा की उपाधि दी थी, यूसुफ़जइयों के विरोध को दबाने के कारण वर्ष 1586 ईस्वी में इनकी हत्या कर दी गयी।

अबुल फजल –

इनका जन्म आगरा, उत्तरप्रदेश में 1551 ईस्वी को हुआ था। अबुल फज़ल अकबर का मुख्य सलाहकार एवं सचिव हुआ करते थे अकबर के शासन काल में घटित हुए प्रमुख घटनाओं को कलमबद्ध कर लिखा, अकबरनाम और आइये-ऐ-अकबरी की रचना भी अबुल फज़ल ने ही किया था। वर्ष 1602 ईस्वी में दक्षिण से आगरा की और लौटने के क्रम में जहांगीर के द्वारा इनकी हत्या करवा दी गयी थी।   

फैजी –

फ़ैज़ी का जन्म वर्ष 1547 ईस्वी में हुआ था। ये इतिहासकार अबुल फज़ल का भाई था, ऐ भी एक प्रमुख साहित्यकार थे, वे साहित्यों को फ़ारसी में अनुवाद करते थे। वर्ष 1595 ईस्वी में इनकी मृत्यु हो गयी थी।

मियां तानसेन –

तानसेन का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 1493 या 1500 ईस्वी में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, तानसेन का असली नाम रामतनु पांडेय है, ऐ एक बहुत ही प्रसिद्ध संगीतज्ञ थे, अपने करियर के शुरुआत में वे मध्यप्रदेश के रेवा के राजा रामचंद्र सिंह के दरबार में गायन किया  करते थे, यहाँ से इन्हे प्रसिद्धि मिली, और अकबर के कहने पर इन्होने मुग़ल दरबार में संगीतकार के तौर पर ज्वाइन किया, अकबर ने इन्हे 9 रत्नो में शामिल कर लिया, अकबर ने इन्हे ‘कण्ठाभरणवाणीविलास’ की उपाधि दिया था, इन्ही के समय में ध्रुपद गायन शैली का विकास का हुआ था।

राजा टोडरमल –

राजा टोडरमल का जन्म उत्तरप्रदेश, भारत में 1500 ईस्वी में एक क्षत्रिय परिवार में हुआ था, इन्होने अपने करियर की शुरुआत शेरशाह शुरी के शासनकाल में नौकरी से की थी। राजा टोडरमल मुग़ल सम्राज्य में अकबर के शासन के समय राजस्व एवं वित् मंत्री हुआ करते थे। वर्ष 1572 ईस्वी में इन्हे गुजरात का दीवान बनाया गया और बाद में 1582 ईस्वी में प्रधानमंत्री भी बनाया गया। टोडरमल ने भूमि के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किये। विश्व का प्रथम भूमि लेखा जोखा प्रणाली इनके द्वारा ही तैयार की गयी थी ।

राजा मान सिंह –

राजा मान सिंह का जन्म वर्ष 1550 ईस्वी में जयपुर, राजस्थान में एक राजपूत परिवार में हुआ था, वे अमेर (राजस्थान) के कच्छवाहा राजा थे। राजा मान सिंह अकबर के सेना के प्रमुख सेनापति थे, इन्होने सेनापति रहते बिहार, बंगाल और काबुल इत्यादि प्रदेशों में सफल सैनिक कार्यवाही की थी । राजा मान सिंह से सम्बन्ध होने के कारण, उदारता दिखते हुए अकबर ने हिंदुयों पर लगने वाला जजिया कर समाप्त कर दिया था।

अब्दुल रहीम खाने खाना –

अब्दुल रहीम खाने खाना, एक समय के मुग़ल सम्राज्य के प्रधान सेनापति एवं अकबर के संरक्षक बैरम खान का पुत्र था। ये एक बहुत ही प्रसिद्ध कवी एवं विद्वान था, इसने ही बाबरनामा जो की तुर्की भाषा में लिखा हुआ था उसे फ़ारसी में अनुवाद किया था। गुजरात जितने के उपरांत अकबर ने अब्दुल रहीम को खाने खाना की उपाधि दी थी। रहीम अपने दोहा और गजलों के लिए प्रसिद्ध हुआ करते थे।

हमीम हमाम –

ये भी अकबर के नवरत्नों में से एक थे, हमीम हमाम अकबर के रसोई घर का प्रधान हुआ करता था ।

मुल्ला दो प्याजा –

अरब का रहने वाला मुल्ला दो प्याजा हुमायूँ के शासनकाल के समय भारत आया था। ये अकबर का सलाहकार और वजीर हुआ करता था था। ये अपने बुद्धि एवं लोक कथाओ के लिए प्रसिद्ध था, इसके बारे में ऐसा भी कहा जाता है की ये बीरबल से बहुत ईर्ष्या करता था, प्याज अधिक पसंद होने के कारण अकबर ने इन्हे दो प्याजा की उपाधि दी थी।

FAQ –

Q.1- अकबर के दरबार में कितने रत्न थे

उत्तर – अकबर के दरबार में कुल 9 नवरत्न थे।

Q.2- भक्ति काल का कौन सा कवि अकबर के नवरत्नों में एक था?

उत्तर – अबुल फज़ल 

Q.3 – अकबर के दरबारी नवरत्नों में राजस्थान से कौन शामिल था?

उत्तर – अकबर के दरबार में राजस्थान से राजा मान सिंह थे, जो की अकबर के प्रधान सेनापति थे।

Q.4 – अकबर के राजस्व मंत्री का क्या नाम था?

उत्तर – अकबर के राजस्व मंत्री राजा टोडरमल था।

Q.5 -अकबर भारत में मुगल खानदान का कौन सा शासक था?

उत्तर – अकबर भारत में मुग़ल खानदान का तीसरा शासक था।

Q.6 – अकबर के हाथी का क्या नाम था?

उत्तर – अकबर के हाथी का नाम हवाई, गजराज , गजमुक्त, पीर प्रसाद, मरदाना ।

Q.7 – अकबर के समकालीन कवि?

उत्तर – सूरदास, तुलसीदास, मीरा ये सभी अकबर के समकालीन कवी थे।

Q.8 – अकबर की कितनी पत्नियां थीं उनके नाम?

उत्तर – अकबर की कुल 7 पत्नियां थी, उनके नाम ये है, Ruqaiya Sultan Begum , Mariam-uz-Zamani , Salima Sultan Begum , Qasima Banu Begum , Bibi Daulat Shad , Bhakkari Begum , Gauhar-un-Nissa Begum

Q.9 – अकबर की कितनी बेटियां थी?

उत्तर – अकबर की 5 बेटियां थी।

Q.10 – अकबर के कितने पुत्र थे 

उत्तर – अकबर की 5 बेटे थे।

Q.11 – जोधा बाई किसकी पत्नी थी?

उत्तर – दरअसल जोधा भाई अकबर का पुत्र जहाँगीर की बीबी थी ।

Q.12 – अकबर की मृत्यु कब हुई थी

उत्तर – अकबर की मृत्यु 27 अक्टूबर 1605 ईस्वी को हुई थी।

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आशा करता हूँ ये लेख अकबर के नवरत्न के नाम और काम क्या थे ज्ञानवर्धक लगा होगा, इसे आप अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें, किसी भी प्रकार का सवाल आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है, धन्यवाद।

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