BAMS Course Details In Hindi | BAMS क्या है, जानिए इसके लिए योग्यता, एग्जाम, सिलेबस, फीस क्या है

हर एक युवा का अपने जीवन में एक सपना होता है कोई डॉक्टर बनना चाहता है तो कोई इंजीनियर तो कोई आईपीएस अधिकारी ऐसे में अगर आपका भी सपना है क्या आप तो आयुर्वेदिक डॉक्टर बने तो आपके लिए यह आर्टिकल काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। अगर आप आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको BAMS का कोर्स करना होगा तभी जाकर आप एक आयुर्वेदिक डॉक्टर बन पाएंगे।

ऐसे में आप लोगों के मन में सवाल आएगा कि आखिर में आप तो आयुर्वेदिक डॉक्टर बनेंगे ?कैसे इसके लिए आपको कौन सा कोर्स करना होगा? कोर्स की अवधि क्या होगी? योग्यता क्या होनी चाहिए आपको कौन से एग्जाम देने होंगे? अगर आप इन सब के बारे में जानना चाहते हैं तो आप इस आर्टिकल BAMS Course Details In Hindi (BAMS Full Form in Hindi) को पढ़कर जानकारी प्राप्त कर सकते है। 

BAMS क्या है? (BAMS Course Details In Hindi)

bams course details in hindi
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BAMS, (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) एक आर्युवेद डिग्री कोर्स है। ये एक अंडरग्रेजुएट आर्युवेद कोर्स है इस कोर्स को आमतौर पर भारत के अलावा नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में पढाई की जाती है। तो कोई भी व्यक्ति अगर आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहते हैं तो उसे BAMS डिग्री कोर्स की पढाई करनी होगी। आर्युवेद, प्राचीन भारत का चिकित्सा पद्धति है।

आयुर्वेद को भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर नेशनल हेल्थ सिस्टम के साथ शामिल नहीं किया जाता है। ऐसा इसलिए क्यूँकि ये एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जिसे अमेरिका,ब्रिटेन इत्यादि जैसे विकसित देशों ने स्वीकार नहीं करते है। भारत में ये कोर्स मेडिकल कौंसिल ऑफ़ इंडिया के द्वारा अधिकृत है। इस कोर्स में एडमिशन के लिए भारत में हर एक साल सेंट्रल और राज्य स्तर पर परीक्षाएँ आयोजित की जाती है। 

इस कोर्स के अंतर्गत विद्यार्थियों को रचना विज्ञान, विष विज्ञान, फार्माकोलॉजी, रोगों से निदान एवं बचाव, नाक, आंख, गले की चिकित्सा, चिकित्सा के सिद्धांत, फोरेंसिक चिकित्सा आदि चीजों की जानकारी दी जाती है।

BAMS Full Form in Hindi

BAMS का Full Form “Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery” होता है जिसे हिंदी में बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी काहा जाता है आयुर्वेदा के क्षेत्र में यह एक ग्रैजुएट लेवल का डिग्री प्रोग्राम होता है। 

BAMS Course Eligibility Details

  • वैसे कैंडिडेट्स जो BAMS कोर्स करने में रूचि रखते है उन्हें किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बारहवीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। 
  • 11th और 12th में Physics, Chemistry और Biology का होना आवश्यक है। 
  • 12वीं में विद्यार्थी का कम से कम 50% अंक होने आवश्यक है। रिजर्व्ड केटेगरी से आने वाले विद्यार्थियों के लिए 45% मार्क्स होना अनिवार्य है। 
  • इसके अलावा भारत में होने वाले अंडरग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट जैसे की Neet Exam में अच्छे अंको से पास होना अनिवार्य है। 

BAMS Course करने में कितना समय लगता है? (BAMS Course Duration Details)

BAMS डिग्री कोर्स की समय अवधि सामान्यतः 5 साल 5 महीने की होती है। जिसमे चार वर्ष छः महीने की पढाई होती है और एक साल को इंटर्नशिप होता है। इंटर्नशिप में प्रैक्टिकल शिक्षा से जुड़ी हुई नॉलेज प्रदान किया जाता है। पढाई और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद ही विद्यार्थियों को BAMS की डिग्री दी जाती है। 

BAMS Course मे एडमिशन करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम

BAMS Course में अगर आप अपना दाखिला करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देना इसके लिए परीक्षाएं राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है इसमें आपको निम्नलिखित प्रकार के एंट्रेंस एग्जाम देने पड़ सकते हैं जिसका  जो इस प्रकार है। 

  • नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट.
  • आयुष एंट्रेंस एग्जाम
  • नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ आयुर्वेद एंट्रेंस एग्जाम
  • उत्तराखंड पीजी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम
  • कॉमन एंट्रेंस टैस्ट (CET), कर्नाटक
  • केरल स्टेट एंट्रेंस एग्जाम

BAMS कोर्स का सिलेबस (BAMS Course Syllabusin Hindi)

Bams course के सिलेबस में निम्नलिखित प्रकार के सब्जेक्ट को सम्मिलित किया गया है जिसका विवरण में आपको नीचे बिंदु अनुसार दूंगा जो इस प्रकार है। 

First Year Bams Course Syllabus

  • पदार्थ विज्ञानं और आयुर्वेद का इतिहास ( Materials Science and History of Ayurveda
  • शरीर क्रिया ( Body Function)
  • शरीर रचना ( Body Structure)
  • संस्कृत ( Sanskrit language)
  • मौलिक सिद्धांत और अष्टांग हृदय ( Fundamental Principles and Ashtanga Hridaya)

Second Year Bams Course Syllabus

  • द्रव्यगुण विजनन ( Material Vision Charaka
  • रसशास्त्र और भैषज्य कल्पना ( Chemistry and Medicine)
  • चरक सहिंता { पूर्वार्ध खंड 1} ( Charaka Samhita {First Volume 1})
  • अगद तंत्र, व्यवहार आयुर्वेद और विधि वैद्यक ( Agad Tantra, Behavior Ayurveda and Vidhi Medicine

Third Year Bams Course Syllabus

  • रोग निदान और विकृति विज्ञान (Disease Diagnosis and Pathology )
  • चरक सहिंता {पूर्वार्ध खंड 2} ( Charaka Samhita {First Volume
  • स्वस्थ वृत एंव योग ( Healthy Circle and Yoga)
  • बाल रोग प्रसूति तंत्र और स्त्री रोग ( Child Disease Obstetrics & Gynecology)

Fourth Year Bams Course Syllabus

  • शल्य तंत्र ( Surgical System)
  • शालाक्य तंत्र ( Shalakya Tantra)
  • पंचकर्म ( Panchakarma)
  • कायाचिकित्सा {मानस रोग, रसायन और वाजीकरण सहिंत} ( Kayachikitsa {including mental disease, rasayana and vajikaran})
  • रिसर्च मेथोडॉलोजी और मेडिकल स्टेटिस्टिक्स ( Research Methodology and Medical Statistics)

Fifth Year Bams Course Syllabus

इस वर्ष में विद्यार्थी की इंटर्नशिप की शुरुआत होती है। इंटर्नशिप करने के लिए आपको 4 साल 5 महीने का कोर्स पूरा करना होगा उस दौरान जो भी EXAM यहां पर आयोजित होंगे उसे आपको पास करना होगा तभी जाकर आप यहां पर इंटर्नशिप कर पाएंगे। 

  • काया-चिकित्सा ( Physiotherapy)
  • शल्य तंत्र ( Surgical System)
  • शालाक्य तंत्र ( Shalakya Tantra)
  • बाल चिकित्सा ( Pediatrics)
  • प्रसूति तंत्र ( Obstetric System)
  • पंचकर्म ( Panchakarma)

BAMS Course करने के बाद करियर ऑप्शन

Bams course करने के बाद आपके सामने निम्नलिखित प्रकार के करियर ऑप्शन उपलब्ध होंगे जिनका विवरण में आपको नीचे बिंदुसार दूंगा जो इस प्रकार है-

  • लेक्चरर
  • थेरेपिस्ट
  • आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट
  • साइंटिस्ट
  • प्रोडक्ट मैनेजर सेल्स एग्जीक्यूटिव
  • मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव
  • जूनियर क्लीनिकल ट्रायल कॉर्डिनेटर
  • एरिया सेल्स मैनेजर

BAMS Course बनने के बाद कहां काम कर सकते हैं

ऐसे तो Bams course करने के बाद आप विभिन्न प्रकार के सेक्टरों में काम कर सकते हैं लेकिन मैं आपको कुछ बेहतरीन सेक्टर के बारे में बताऊंगा जहां पर आप काम कर सकते हैं उनका विवरण में आपको नीचे बिंदु अनुसार दूंगा जो इस प्रकार है-

  • सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल
  • नर्सिंग होम
  • आयुर्वेदिक कॉलेज और एकेडमिक
  • रिसर्च इंस्टीट्यूट
  • पंचकर्म आश्रम
  • हेल्थकेयर आईटी
  • फार्मेसी सेक्टर
  • इंसोरेंस सेक्टर
  • आयुर्वदिक रिसोर्ट
  • स्पा रिसोर्ट
  • एजुकेशन सेक्टर जहां पर आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के बारे में पढ़ाया जाता है.
  • लाइफ साइंस सेक्टर

BAMS Course की फीस कितनी होती है?

आप आप लोगों के मन मे सवाल आएगा कि आप अगर Bams course मे दाखिला लेते हैं तो आपको यहां पर कितने पैसे फीस के तौर पर देने होंगे तो मैं आपको बता दूं कि भारत में दो प्रकार के संस्थान जहां पर आप Bams का कोर्स कर सकते हैं पहला सरकारी संस्थान और दूसरा प्राइवेट संस्थान। निचे दोनों तरह के इंस्टीटूट की फीस के बारे में जानकारी दी गई है। 

BAMS Government College Fees :- अगर आप सरकारी संस्थानों में एडमिशन करवाते हैं तो यहां पर आपको फीस के तौर पर 15000 रूपये से लेकर 30000 प्रतिवर्ष तक हो सकता है. इसलिए सरकारी संस्थानों में आकर आप दाखिला लेते हैं तो आपको कम ही फीस यहां पर देना पड़ेगा। प्राइवेट कॉलेज के मुकाबले सरकारी मेडिकल कॉलेज में BAMS कोर्स की फीस बहुत ही कम होती है। 

BAMS Private College Fees :- सरकारी संस्थानों के मुकाबले अगर आप निजी संस्थानों में दाखिला लेते हैं तो यहां पर आपको अपेक्षाकृत अधिक फीस चुकाना पड़ेगा प्राइवेट संस्थानों में 900000 रूपये से लेकर 1500000 रुपए तक का फीस आपको यहां पर चुकाना पड़ सकता है इसके अलावा अलग-अलग प्राइवेट संस्थानों में फीस भी अलग-अलग होती है इसलिए अगर आप प्राइवेट संस्थानों में दाखिला लेते हैं तो आपके पास पैसे होने चाहिए और अगर पैसे नहीं है तो आप किसी सरकारी बैंक से एजुकेशन लोन भी ले सकते हैं। 

BAMS Doctor की सैलरी कितनी होती है?

Bams course जब आप पूरा कर लेंगे और आयुर्वेदिक डॉक्टर बन जाएंगे तो आपको शुरुआती दिनों में 25000 से लेकर 35000 के बीच सैलरी मिलने के चान्सेस होते है। जैसे-जैसे आपका एक्सपीरियंस बढ़ेगा आपकी सैलरी लाखों में पहुँच सकती है। इसके अलावा अगर आप विदेशों में आयुर्वेदिक डॉक्टर के तौर पर काम करते हैं यहां पर आपको शुरुआती दिनों में 1,00000 भारतीय रुपए में सैलरी दी जा सकती है। 

BAMS Course करने वाले प्रमुख शिक्षण संस्थान (BAMS Course Best Institute)

  • दयानंद आयुर्वेदिक कॉलेज, जालंधर
  • राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, बैंगलोर
  • भारती विद्यापीठ, पुणे
  • गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर
  • आयुर्वेद महाविद्यालय, मुंबई
  • शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, रायपुर
  • जेबी रॉय स्टेट मेडिकल कॉलेज, कोलकाता
  • आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, कोल्हापुरी
  • ऋषिकुल गवर्नमेंट पीजी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल, हरिद्वार
  • श्री आयुर्वेद महाविद्यालय, नागपुर
  • राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर
  • श्री कृष्णा शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, कुरुक्षेत्र
  • अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज, इंदौर
  • एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, विजयवाड़ा
  • आयुर्वेदिक और यूनानी टिबिया कॉलेज, नई दिल्ली
  • राजीव गांधी शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, कांगड़ा
  • शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, नागपुर
  • राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल गुरुकुल, कांगड़ी हरिद्वार
  • स्टेट आयुर्वेदिक कॉलेज और हॉस्पिटल, लखनऊ

BAMS Course के बाद कौन सा कोर्स करें?

BAMS कोर्स करने के बाद आपके पास विभिन्न प्रकार के कोर्सेज या डिप्लोमा कर सकते है जो की निम्न इस प्रकार है। 

1. MD/MS(AYURVEDA)

Bams कोर्स करने के बाद वैसे छात्र जो पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते है  उनके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है आर्युर्वेद में MD/MS. एक BAMS के छात्र के लिए ये सबसे बेहतरीन डिग्री मानी जाती है। ये कोर्स करने के बाद आप एक स्पेशलिस्ट आर्युवेद डॉक्टर बन जाते है। ये कोर्स करने के लिए आपको AIAPGET (ALL INDIA AYUSH POST GRADUATE ENTRANCE TEST) टेस्ट पास करना होगा। 

2. MPH (Masters in Public Health)

 ये एक पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम है जिसे BAMS कोर्स करने के बाद किया जा सकता है ये दो वर्षिये पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम है। इस कोर्स में छात्रों को समाज के बेहतर हेल्थ की सुरक्षा के लिए छात्रों को ट्रेनिंग किया जाता है। इसके साथ साथ इस कोर्स छात्रों को ये सिखाया जाता है की एक समाज में हेल्थ एजुकेशन को कैसे अवरेनेस फैलाया जाया शिक्षा, ट्रेनिंग प्रोग्राम, रिसर्च और बेहतरीन हेल्थ मुहैया करवाकर। ये कोर्स करने के बाद गवर्नमेंट जॉब्स के अवसर भी खुल जाते है। 

3. MBA (Hospital Healthcare Management)

 ये कोर्स BAMS के छात्रों के लिए एक बेहतरीन कोर्स है। ये दो वर्षिये पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम है। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य हेल्थ केयर सेक्टर में कैसे बेहतरीन मैनेजमेंट किया जाय ताकी बेस्ट सेवाएं दिया जा सके इन सभी चीजों के बारे में सिखाया जाता है। ये कोर्स करने के बाद आप Healthcare Manager, Hospital Administrator इत्यादि बन सकते है। 

4. MSC Yoga and Naturopathy

ये दो वर्षिये पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम है। इस कोर्स में सिखाया जाता है की कैसे एक रोग को योग और प्राकृतिक तरीके से ठीक किया जा सकता है। ये कोर्स करने के बाद आप Clinical Psychologist, Naturopathy Therapist, Yoga Therapist, Yoga Teacher, Yoga Aerobic Instructor, Yoga Advisor बन सकते है। 

5. MSC Nutrition and Dietetics

वैसे विधार्थी को BAMS कोर्स करने के बाद नुट्रिशननिस्ट और डीएटिशन बनना चाहता है उनके लिए ये एक बेहतरीन कोर्स है । ये दो वर्षिये पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम है।

6. MSC Clinical Research

MSC Clinical Research एक दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है। ये विशेष रूप वैसे छात्रों के लिए उपयोगी है जो मेडिकल रिसर्च स्टडीज में रूचि रखते है ये कोर्स करने के बाद Clinical Research Associate, and Clinical Research Professor, Biostatistician इत्यादि पदों पर आप काम कर सकते है। 

निष्कर्ष –

उम्मीद करता हूँ आप इस लेख BAMS Course Details In Hindi (BAMS Full Form in Hindi) के माध्यम से बीएएमएस (BAMS) के बारे में विस्तार से जान गए होंगे। हर साल हजारों की संख्या में ये कोर्स कर आर्युवेद डॉक्टर बन रहे है भारत के कई स्टेट्स में सरकार के द्वारा आर्युवेद डॉक्टरों से पब्लिक हेल्थ सेंटर्स में सेवाएँ ली जा रही है। 

वर्तमान समय में ये भारत में एक प्रचलित अंडरग्रेजुएट कोर्स बन गया है। बहुत से ऐसे बीमारियाँ है जिनका एलोपैथी (अंग्रेजी चिकित्सा प्रणाली) में प्रॉपर इलाज नहीं है और इन बीमारियों को आर्युवेद के माध्यम से अच्छी तरीके से ईलाज किया जा सकता है। 

आशा करता हूँ आपको ये आर्टिकल अच्छा और ज्ञानवर्धक लगा होगा, इसे आप अपने दोस्तों, अपने साथ पढ़ने वालो के साथ-साथ सोशल साइट्स जैसे की Facebook, Twitter आदि पर भी जरूर शेयर करें, किसी भी प्रकार का सवाल, सुझाव आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है, धन्यवाद!

FAQs –

Q. बीएएमएस डॉक्टर बनने के लिए क्या करना पड़ता है?

Ans – सबसे पहले आपको बाहरवीं कक्षा (Physics, Chemistry और Biolog विषयों) में 50 % अंको के साथ पास करना होगा। इसके बाद सेंट्रल या राज्य स्तर पर होने वाले परीक्षाएँ में अच्छे अंक लाने होंगे। इसके बाद आपका चयन अच्छे आर्युवेद कॉलेज में हो जायेगा।

Q. बीएएमएस करने के बाद क्या कर सकते हैं?

Ans – BAMS करने के बाद आप नौकरी कर सकते है या आप चाहे तो आर्युवेद में MD और MS जैसी पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स कर सकते है कई सारे डिप्लोमा कोर्सेस भी है जिसे आप BAMS के बाद कर सकते है।

Q. BAMS और MBBS में क्या समानता और अंतर है?

Ans – इन दोनों कोर्स BAMS और MBBS में सामान्य अंतर ये है की BAMS एक Aryuvedic चिकित्सा पद्धति पर आधारित डिग्री कोर्स है और MBBS एक Allopathy (Modern) चिकित्सा पद्धति कोर्स है। ये दोनों एक अंडरग्रेजुएट मेडिकल डिग्री कोर्स है। इन कोर्सो की पढाई कर आप डॉक्टर बन सकते है।

Q. बीएएमएस की फुल फॉर्म क्या होती है?

Ans – BAMS का फुल फॉर्म Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery होता है जिसे हिंदी में बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी काहा जाता है आयुर्वेदा के क्षेत्र में यह एक ग्रैजुएट लेवल का डिग्री कोर्स है।

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नमस्कार दोस्तों, मैं Rahul Niti एक Professional Blogger हूँ और इस ब्लॉग का Founder, Author हूँ. इस ब्लॉग पर मैं बहुत से विषयों पर लिखता हूँ और अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से उपयोगी और नईं-नईं जानकारी शेयर करता रहता हूँ।

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