वर्ण के कितने भेद होते है | Varn ke kitne bhed hote hain

नमस्कार दोस्तों स्वागत है एक नया आर्टिकल में आज हम बात करेंगे varn ke kitne bhed hote hain हिंदी व्याकरण में वर्ण का विशेष महत्व होता है क्योंकि अगर आप कोई भी शुद्ध हिंदी लिखना या पढ़ना चाहते हैं इसके लिए आपको वर्ण का ज्ञान होना आवश्यक है तभी जाकर आप शुद्ध हिंदी लिख या पढ़ पाएंगे। 

हिंदी सीखने के लिए आपको हिंदी व्याकरण का ज्ञान होना आवश्यक है और हिंदी व्याकरण का मतलब ही होता है varn अब आप लोगों के मन में सवाल आएगा कि आखिर में वर्ण के कितने भेद होते हैं (Varn ke kitne bhed hote hain), वर्ण कितने प्रकार के होते हैं? वर्ण क्या है? अगर आप इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि पोस्ट को वह आखिर तक पढ़ें। 

वर्ण किसे कहते हैं? (Varn kise kahate hain)

वर्ण का मतलब होता है कि ऐसे शब्द है इसे तोड़ा नहीं जाता है और जब आप अपने मुंह से ऐसे शब्दों का उच्चारण करते हैं. जिसके उच्चारण करने से एक ध्वनि उत्पन्न होती है उसे ही हम लोग वर्ण (varn) कहते हैं। अगर आप हिंदी सीखना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले वर्ण को सीखना होगा।

varn ke kitne bhed hote hain
varn ke kitne bhed hote hain

अगर हम एक प्रकार से कहे तो हिंदी भाषा की आत्मा वर्ण है इसके द्वारा ही हिंदी साहित्य का निर्माण हुआ है। हिंदी भाषा को देवानगरी लिपि में लिखा गया है इस लिपि में प्रत्येक ध्वनि के लिए के लिए एक लिखित संकेत मौजूद है। 

हिंदी भाषा में कुल मिलाकर 52 वर्ण है जिसमें से 39 व्यंजन (Consonant) और 13 स्वर (Vowel) हैं. इसके अलावा अगर हम उच्चारण (Pronunciation) की दृष्टि से देखे तो कुल मिलाकर 45 व्यंजन और 10 स्वर हैं। प्रत्येक भाषा के लिए अपनी एक वर्णमाला है जैसे हिंदी के लिए  आ आ …….. क ख ग……..

अंग्रेजी शब्दों के लिए- ABCD ………….

वर्ण के कितने भेद होते है (Varn ke kitne bhed hote hain)

वर्ण (Varn) के दो भेद होते हैं जिसका विवरण मैं आपको नीचे दे रहे हैं जो इस प्रकार है। 

  • व्यंजन वर्ण
  • स्वर वर्ण

व्यंजन वर्ण किसे कहते है?

हिंदी भाषा में क से लेकर ज्ञ तक के शब्दों को हम लोग व्यंजन वर्ण कहते हैं. इसके माध्यम से ही आप स्वर वर्णों की उत्पत्ति करते हैं. व्यंजन वर्णों की संख्या संख्या 33 होती है। 

व्यंजन वर्ण कितने प्रकार के होते हैं?

व्यंजन वर्ण मुख्य तौर पर छः प्रकार के होते हैं जिनका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं जो इस प्रकार है। 

  1. स्पर्श व्यंजन
  2. अन्तःस्थ व्यंजन
  3. ऊष्म व्यंजन
  4. द्वित्व व्यंजन
  5. संयुक्त व्यंजन
  6. संयुक्ताक्षर व्यंजन

स्पर्श व्यंजन किसे कहते है?

 क वर्ग,  च वर्ग, ट वर्ग, त वर्ग, प वर्ग स्पर्श व्यंजन है।  इनका उच्चारण जीभ और मुंह के  किसी भाग जैसे- कण्ठ, तालु, मूर्धा, दाँत, या होठ का स्पर्श के द्वारा होता है. मिलाकर 25 स्पर्श व्यंजन होते हैं जिनका विवरण में आपको नीचे दे रहे हैं जो इस प्रकार है-

क वर्ग – क ख ग घ ङ

च वर्ग – च छ ज झ ञ

ट वर्ग – ट ठ ड ढ ण (ड़, ढ़)

त वर्ग – त थ द ध न

प वर्ग – प फ ब भ म

अन्तःस्थ व्यंजन किसे कहते है?

जब आप किसी भी शब्द का उच्चारण करेंगे तो मुंह के अंदर रहता है उसे ही हम लोग अन्तःस्थ व्यंजन कहते हैं. उच्चारण करते समय जीभ मुख को स्पर्श नहीं करता है। 

उदाहरण – य, र, ल, व

उष्म व्यंजन किसे कहते है?

इस प्रकार का व्यंजन जब आप अपने मुंह से उच्चारण करेंगे तो वह आपके मुंह के विशेष भाग से टकराएगा और वहां पर एक प्रकार की गर्मी उत्पन्न होगी हम लोग उष्म व्यंजन कहते हैं। 

उदाहरण- श, ष, स, ह

द्वित्व व्यंजन किसे कहते है?

दिव्य व्यंजन उसे कहते है जब एक व्यंजन दूसरे व्यंजन के साथ मिलकर दिव्या व्यंजन बन जाता है। इस प्रकार के शब्दों में पहले व्यंजन में कोई स्वर नहीं होता है और दूसरे व्यंजन में स्वर होता है। अब चलिए निचे उदाहरण के साथ समझते है। 

क् + क = सिक्का

त् + त = पत्ता

 क्+क = मक्का

दिव्या व्यंजन से बने कुछ शब्द के उदारहरण इस प्रकार है। 

  • चक्की, चक्का, मुक्का, टिक्की, शक्कर,  चक्कर, टक्कर,  ढक्कन इत्यादि। 
  • कच्चा, बच्चा, सच्चा, लुच्चा आदि इत्यादि। 
  • लट्टू, खट्टा, दुपट्टा, पट्टी , छुट्टी, मुट्ठी इत्यादि। 
  • चम्मच, अम्मा, मम्मी इत्यादि। 
  • गन्ना,पन्ना, अन्ना, विभिन्न, संपन्न इत्यादि। 

संयुक्त व्यंजन किसे कहते है?

जो व्यंजन दो या दो से अधिक व्यंजन के साथ मिलकर बनता है उसे संयुक्त व्यंजन कहते है। संयुक्त व्यंजन कुल चार प्रकार के होते है। जो की इस प्रकार है। 

क् + ष = क्ष 

 त् + र्  = त्र

ज् + ञ = ज्ञ 

श् + र् = श्र

संयुक्त व्यंजन से बने शब्दों के कुछ उदहारण इस प्रकार हैं।

क्ष – मोक्ष, अक्षर, परीक्षा,अध्यक्ष, कक्षा, क्षमा, यक्ष, भिक्षा, आकांक्षा इत्यादि। 

त्र – त्रिशूल, पत्र, गोत्र, वस्त्र, चित्र, एकत्रित, मंत्र, मूत्र, कृत्रिम, त्रुटि। इत्यादि।

ज्ञ – ज्ञानी, विज्ञान, अज्ञात, यज्ञ, विज्ञापन,अज्ञान, जिज्ञासा, सर्वज्ञ, विशेषज्ञ इत्यादि।

श्र – आश्रम, श्राप, श्रीमान, श्रमिक, परिश्रम, आश्रित, श्रद्धा, मिश्रण, श्रृंखला। इत्यादि।

संयुक्ताक्षर व्यंजन किसे कहते है?

ऐसे शब्द जो दो या दो से अधिक व्यंजनो के मेल से बने होते है इसका मतलब ये की दो अलग अलग शब्दों को जोड़ना संयुक्ताक्षर व्यंजन कहलाता है। 

क् + ख = क्ख  = मक्खन

स् + त  = स्त = बस्ता 

संयुक्ताक्षर  व्यंजन से बने शब्दों के कुछ उदहारण इस प्रकार हैं।

  • मक्खन, बस्ता, प्याला, स्वाद, मच्छर, प्यासा, मक्खी, गुच्छा, इश्वर, व्यायाम, कष्ट, नन्हा, संख्या, क्यारी, प्यार, ग्यारह इत्यादि। 

स्वर वर्ण किसे कहते हैं?

जिन varn का उच्चारण आप बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं ऐसे varn को ही हम लोग स्वर वर्ण कहते हैं कुल मिलाकर 13 स्वर वर्ण होते हैं. लेकिन उच्चारण की दृष्टि से यह 10 होते हैं। 

स्वर वर्ण कितने प्रकार के होते हैं

स्वर वर्ण मुख्य तौर पर तीन प्रकार के होते हैं जिसका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं जो इस प्रकार है। 

स्वर के मुख्य प्रकार

  1. हस्व स्वर
  2. दीर्घ स्वर
  3. प्लुत स्वर

हस्व स्वर किसे कहते है?

जिस स्वरों के उच्चारण करने में काफी कम समय लगता है उसे हम लोग हस्व स्वर कहते हैं. हिंदी व्याकरण में इसे छोटे और लघु स्वर के नाम से भी जाना जाता है. कुल मिलाकर 4 हस्व स्वर होते हैं जिसका उदाहरण हम आपको नीचे दे रहे हैं। 

अ, इ, उ, ऋ

दीर्घ स्वर किसे कहते है?

जिन स्वरों के उच्चारण करने में आपको समय हस्व स्वर के तुलना में  अधिक समय लगता है उसे हम लोग दीर्घ स्वर कहते हैं हिंदी व्याकरण में कुल मिलाकर 7 दीर्घ स्वर होते हैं  जिसका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं। 

आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ

प्लुत स्वर किसे कहते है?

जिन स्वरों को उच्चारण करने में आपको समय दीर्घ स्वर की तुलना में 3 गुना अधिक समय लगता है उसे हम लोग प्लुत स्वर कहते हैं. किस प्रकार के बारे में में 3 मात्राएं होती हैं। 

निष्कर्ष –

तो आज के इस लेख (वर्ण के कितने भेद होते है (Varn ke kitne bhed hote hain) में आपने जाना की वर्ण क्या होते है ,वर्ण के कितने भेद होते है। इसके साथ साथ हमने उदहारण के साथ भी बताये है। दोस्तों आज के समय में भी बहुत लोगो को वर्ण के बारे में अच्छे तरीके से जानकारी नहीं होती है।

तो इस कारण हमने सोचा की क्यों नहीं आपलोगो के लिए अच्छे तरीके से उदहारण के साथ वर्ण के बारे में जानकारी दी जाये, वर्ण से सवाल अक्सर प्रतियोगिता परीक्षा में भी पूछ लिए जाते है।

आशा करता हूँ आपको ये लेख अच्छा लगा होगा, अच्छा लगा हो और इसे लेख से आपको जरा सा भी ज्ञान मिला हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें, किसी भी प्रकार का सवाल, सुझाव आप कमेंट के माध्यम से कर सकते है धन्यवाद !

इन्हे भी पढ़े –

नमस्कार दोस्तों, मैं Rahul Niti एक Professional Blogger हूँ और इस ब्लॉग का Founder, Author हूँ. इस ब्लॉग पर मैं बहुत से विषयों पर लिखता हूँ और अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से उपयोगी और नईं-नईं जानकारी शेयर करता रहता हूँ।

Leave a Reply

error: Content is protected !!